ज्वार की खेती कैसे करें 2026: बुवाई से कटाई तक पूरी जानकारी
तुलसी (Holy Basil) केवल धार्मिक पौधा नहीं बल्कि एक उच्च मूल्य वाली औषधीय फसल है। आयुष, फार्मा, हर्बल, कॉस्मेटिक और निर्यात सेक्टर में तुलसी की मांग तेजी से बढ़ रही है।
उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, ओडिशा, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में हजारों किसान ऑर्गेनिक तुलसी की खेती से 2–6 लाख रुपये प्रति एकड़ तक की आमदनी कर रहे हैं।
इस लेख में आप जानेंगे:
फरवरी–अप्रैल (नर्सरी)
25–30 दिन में पौधे रोपाई के लिए तैयार
बड़े किसानों के लिए Seedling Transplanter से श्रम और समय दोनों की बचत होती है।
👉 केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान
मार्च–अप्रैल
पौधे की ऊँचाई: 10–15 सेमी
पंक्ति से पंक्ति: 30–40 सेमी
पौधे से पौधा: 20–30 सेमी
Soumya
Shishir
Suvaas
Jyoti
Angana
गोबर खाद: 8–10 टन/एकड़
वर्मी कम्पोस्ट: 2 टन/एकड़
हरी खाद (धैंचा): मिट्टी में नाइट्रोजन बढ़ाता है
मल्चिंग: खरपतवार कम + नमी सुरक्षित
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मुख्य समस्याएँ और समाधान
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📞 Ayush Helpline: 1800-11-22-02
Q1. तुलसी की खेती कितने समय में तैयार होती है?
👉 90–100 दिन में पहली कटाई शुरू हो जाती है।
Q2. क्या तुलसी की खेती पर सब्सिडी मिलती है?
👉 हाँ, NMPB और राज्य योजनाओं के तहत।
Q3. तुलसी का तेल कहाँ बेचें?
👉 हर्बल कंपनियाँ, मंडी, निर्यात प्लेटफॉर्म।
ऑर्गेनिक तुलसी की खेती कम लागत, कम पानी और हाई वैल्यू फसल है। सही तकनीक, सरकारी सहायता और बाजार जानकारी के साथ किसान तेजी से मुनाफा कमा सकते हैं।
👉 अगर आपने तुलसी की खेती की है या करना चाहते हैं, तो अपना अनुभव, सवाल या फोटो कमेंट में जरूर साझा करें।
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